Monday, 11 October 2021

Hindi Poetry

 

Hindi Poetry


उसकी अहमियत बताना भी ज़रूरी है – हिंदी कविता

उसकी अहमियत है क्या, बताना भी ज़रूरी है !
है उससे इश्क़ अग़र तो जताना भी ज़रूरी है !!

अब काम लफ़्फ़ाज़ी से तुम कब तक चलाओगे !
उसकी झील सी आंखों में डूब जाना भी ज़रूरी है !!

दिल के ज़ज़्बात तुम दिल मे दबा कर मत रखो !
उसको देख कर प्यार से मुस्कुराना भी ज़रूरी है !!

उसे ये बारहा कहना वो कितना ख़ूबसूरत है !
उसे नग्मे मोहब्बत के सुनाना भी ज़रूरी है !!

किसी भी हाल में तुम छोड़ना हाथ मत उसका !
किया है इश्क़ गर तुमने, निभाना भी ज़रूरी है !!

सहर अब रूठना तो इश्क़ में है लाज़मी लेकिन !
कभी महबूब गर रूठे तो मनाना भी ज़रूरी है !!
😊🌹✍️



जीना सिखाए जा रहा है – हिंदी कविता

दिन-बदिन,
तेरी आदत मुझको लगाए जा रहा है।

तुझे पाया नहीं अबतक,
तुझे खोने का डर सताए जा रहा है।

मेरे हाथों से छीनकर,
अपने हिसाब से जिंदगी चलाए जा रहा है।

तेरे आने से,
दिल मेरा, अब उसको भुलाए जा रहा है।

कुछ हुआ है अलग,
तेरे आने से, बताए जा रहा है।

एक बार फिर से,
मुझको जीना, सिखाए जा रहा है।
❤️🌹✍️



तेरा साथ न मिला – हिंदी कविता

हाथ थाम कर भी तेरा सहारा न मिला
में वो लहर हूँ जिसे किनारा न मिला

मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने
मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा न मिला

वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला
मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला

कुछ इस तरह से बदली पहर ज़िन्दगी की हमारी
फिर जिसको भी पुकारा वो दुबारा न मिला

एहसास तो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गयी
उसने जब ढूँढा तो निशान भी हमारा न मिला
💔🥀✍️


थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै… – हिंदी कविता

“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै…
इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब…
मैंने चलना ही छोड़ दिया है।

फासलें अक्सर रिश्तों में…
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने..
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है।

हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ…
खुद को अपनों की ही भीड़ में,
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने…
अपनापन ही छोड़ दिया है।

याद तो करता हूँ मैं सभी को…
और परवाह भी करता हूँ सब की,
पर कितनी करता हूँ…
बस, बताना छोड़ दिया है।।”
😇💯✍🏻


तेरा इश्क भूल जाएं तो बेहतर है – हिंदी कविता

अब तो तेरा इश्क भूल जाएं तो बेहतर है।
तू अब लौट कर ना ही आए तो बेहतर है।

ज़िन्दगी अब ज़िन्दगी ना रही मगर क्या कहें
तेरे साथ जितनी गुजारी उससे तो बेहतर है।

तुम कह गए थे खुश रहना मेरे बाद मगर
इस तरह की खुशी से तो गम बेहतर है।

मुझे छोड़ कर चुना तुमने किसी और को
चलो मान लिया तुम्हारे लिए वो बेहतर है।

बेशक रुलाती है मगर बेवफ़ा तो नही है।
तुम्हारे चले जाने से तो तुम्हारी यादें बेहतर हैं।
💔💯✍🏻


वो बातें मेरे ही जेहन में सब दबी निकली – हिंदी कविता

वो बोलता रहा इक बात ना नयी निकली,
जो उसने बोला वो सब बात ही कही निकली!

सुनाता सबको अगर मैं कहीं गलत होता,
यकीन मानो न मुझमें कोई कमी निकली!

जो शक था मेरा मेरे वो भी सामने आया,
खुशी हुई कि मेरी उलझने सही निकली!

मुझे तलाश थी जिस चीज़ की जमाने में,
वो चीज मेरे ही आंगन में तब छुपी निकली!

भुलाना चाहा तो वो याद फिर बहुत आयी,
वो बातें मेरे ही जेहन में सब दबी निकली!!
🥀❣️✍🏻


ख़ुदा तू भी नहीं, मैं भी नहीं – हिंदी कविता

गलतियों से जुदा तू भी नहीं और मैं भी नहीं,
दोनों इंसान हैं खुदा तू भी नहीं, मैं भी नहीं।

गलतफहमियों ने कर दी दोनों में पैदा दूरियां,
वरना फितरत का बुरा तू भी नहीं मैं भी नहीं।

अपने अपने रास्तों पे दोनो का सफ़र जारी रहा,
एक लम्हें को रुका तु भी नहीं मैं भी नहीं ।

चाहते बहुत थे दोनों एक दूसरे को
मगर ये हक़ीक़त मानता तु भी नहीं मैं भी नहीं।

गलतियों से जुदा तू भी नहीं और मैं भी नहीं,
दोनों इंसान हैं ख़ुदा तू भी नहीं, मैं भी नहीं।
😇❣️✍️



एक निशानी हूँ मैं – हिंदी कविता

रख सकों तो एक निशानी हूँ मैं
खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं
रोक ना पाए जिसको ये सारी दुनिया
वो एक बूंद आँख का पानी हूँ मैं…

सबको प्यार देने की आदत है हमें
अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमें
कितना भी गहरा जख़्म दे कोई
उतना ही ज्यादा मुस्कुरानें की आदत है हमें..

इस अजनबी दुनिया में अकेला ख़्वाब हूँ मैं
सवालों से खफा छोटा सा जवाब हूँ मैं
जो समझ ना सके मुझे उनके लिए कौन
जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं..

आँख से देखोगे तो खुश पाओगे
दिल से पूछोगे तो दर्द का सैलाब हूँ मैं
अगर रख सकों तो एक निशानी हूं मैं
खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं…
😇🌹✍️


मुस्कुरा दिया करता हूँ – हिंदी कविता

उलझनें है बहुत
सुलझा लिया करता हूँ
फोटो खिंचवाते वक्त मैं अक्सर
मुस्कुरा दिया करता हूँ…!

क्यों नुमाइश करू मैं अपने
माथे पर शिकन की
मैं अक्सर मुस्कुरा के
इन्हें मिटा दिया करता हूँ

क्योंकि
जब लड़ना है खुद को खुद ही से……!
तो हार और जीत में कोई फर्क नहीं रखता हूं….!

हारूं या जीतूं कोई रंज नहीं
कभी खुद को जिता देता हूँ
कभी खुद ही जीत जाया करता हूं
इसलिए भी मुस्कुरा दिया करता हूँ..
😇✍️



कहानी अधूरी रह जाएगी – हिंदी कविता

शायद तेरी मेरी कहानी अधूरी रह जाएगी
हमारे इश्क़ की दास्तां यहीं दफन हो जाएगी

लगाएगी ये दुनिया हम पर हजारों बंदिशें लेकिन
हमारी प्रेम कहानी फिर भी अमर हो जाएगी

कुछ पल ही बिता पाएंगे एक दूसरे के साथ
फिर जिंदगी पता नहीं किस मोड़ पर ले आएगी

ना तू मेरे साथ, ना मैं तेरे साथ
एक दूसरे की कमी हमें बहुत सताएगी

लेकिन तू बेफिक्र होकर मुझ पर विश्वास करना
मेरे दिल में तेरी जगह किसी को ना मिल पाएगी

अभी तो हजारों रंग बदलेगी ये ज़िन्दगी
ना तू मुझे भूलना, ना मैं तुझे
ऐसे ही एक दूसरे की याद के साथ
जिंदगी गुजर जाएगी ।।
🥀😊✍️


खवाब से अब ज़रा जगने लगा हूँ – हिंदी कविता

खवाब से अब ज़रा जगने लगा हूँ
जिंदगी को बेहतर समझने लगा हूं।

उड़ता था शायद कभी ऊँची हवा में,
जमीं पर अब पैदल चलने लगा हूँ।

लफ़्ज़ों की मुझको ज़रूरत नहीं है,
चेहरों को जब से मैं पढ़ने लगा हूँ।

थक जाता हूं अक्सर अब शोर से,
खामोशियों से बातें करने लगा हूँ।

दुनियाँ की बदलती तस्वीर देख कर,
शायद मैं कुछ कुछ बदलने लगा हूँ।

नफ़रत के ज़हर को मिटाना ही होगा,
इरादा यह मज़बूत करने लगा हूँ।

परवाह नहीं कोई साथ आए मेरे,
मैं अकेला ही आगे बढ़ने लगा हूँ।
✍🏻✍🏻✍🏻


हर बार कसूर हवा का नही होता – हिंदी कविता

ऐ उम्र ?
कुछ कहा मैंने,
पर शायद तूने सुना नहीं..!
तू छीन सकती है बचपन मेरा,
पर बचपना नहीं..!!

हर बात का कोई जवाब नही होता…,
हर इश्क का नाम खराब नही होता…!
यूं तो झूम लेते है नशे में पीनेवाले..
मगर हर नशे का नाम शराब नही होता…!

खामोश चेहरे पर हजारों पहरे होते है….!
हंसती आखों में भी जख्म गहरे होते है….!
जिनसे अक्सर रुठ जाते है हम,
असल में उनसे ही रिश्ते गहरे होते है….!

किसी ने खुदा से दुआ मांगी.!
दुआ में अपनी मौत मांगी,
खुदा ने कहा, मौत तो तुझे दे दें मगर…!
उसे क्या कहूँ जिसने तेरी जिंदगी मांगी…!

हर इंन्सान का दिल बुरा नही होता…
हर एक इन्सान बुरा नही होता.
बुझ जाते है दीये कभी तेल की कमी से….!
हर बार कसूर हवा का नही होता..



थोड़ा सा थका हूँ मगर रुका नही हूँ – हिंदी कविता

थोड़ा सा थका हूँ मगर रुका नही हूँ
ऐ ज़िन्दगी तेरी हालातों के आगे अभी झुका नही हूँ।

कांच के रिश्ते लिए फिर रहा हूँ इन पत्थरों के शहर में
ठोकरें लग रही है मगर अभी तक टूटा नहीं हूँ।

हम मिले थे शायद किसी रह गुज़र में कभी, गर याद हो तुझे
यकी कर आज भी उस मुलाकात को भुला नहीं हूँ।

यूं तो गम की बारिश रही मुझ पर मुसलसल
पर ख़ुदा के सजदे में कभी भीगा नही हूँ।

जितने थे तूफ़ान सब गुज़र गए मेरी लौ से
जाने किसकी दुआ है जो अभी तक बुझा नही हूँ।
😇🌹✍️

यही जिंदगानी है – हिंदी कविता

यहाँ हर दिल मे एक अधूरी सी कहानी है।
तन्हाइयों में हर किसी की जिंदगी रूहानी है।

बाहर से हर चेहरा हंसता हुआ नजर आएगा
भीतर से टटोलोगे तो हर आंख में पानी है।

कुछ यादें लिए बैठे है कुछ किस्से लिए बैठे है।
यहां लोग एक दिल के कई हिस्से लिए बैठे है।
बैठिए किसी के पास कुछ पल हमराह बनकर
तभी जान पाओगे, दर्द में कितनी सुनामी है।

कोई “दर्द” कह देता है तो किसी को कहना नही आता
कोई पत्थर बन जाता है किसी को चुप रहना नही आता
सबकी आदत औरों को जानना है, और अपनी छुपानी है।
चुप रहकर जिम्मेदारियां निभानी है बस यही जिंदगानी है।

आंखों में क़ैद एक मंजर देखा है – हिंदी कविता

आंखों में क़ैद, एक मंजर देखा है,
मै प्यासा रहा, लेकिन समन्दर देखा है,

मुझे ना दिखाना खेल दुनियां के,
मैने हरियाली में भी, पेड़ो को बंजर देखा है।

बड़े अजीब है, तरीके यहां,
रिश्ते निभाने के,
एक हाथ में प्यार,और दूजे में,
खंजर देखा है,

मुझे ना दुआ देना इन बारिशों में,
फिर से जवां हो जाने की,
मैने बारिशों के बाद भी,
जमीं को बंजर देखा है,
🥀💯✍️


थोड़ी छांव भी जरूरी है – हिंदी कविता

ज़िन्दगी सीधे साधे चलना ठीक नही
उबड़ खाबड़ पड़ाव भी जरूरी है,

तैरते तैरते बाजू थक जाएंगे
एक पल के लिए नाव भी जरूरी है,

बदलाव भी जरूरी है
ये घाव भी जरूरी है,

इतनी धूप अच्छी नही
थोड़ी छांव भी जरूरी है..!
✍🏻✍🏻✍🏻


जीना अभी बाकी है – हिंदी कविता

गुजर रही है उम्र,
पर जीना अभी बाकी हैं।
जिन हालातों ने पटका है जमीन पर,
उन्हें उठकर जवाब देना अभी बाकी हैं।

चल रहा हूँ मन्जिल के सफर मैं,
मन्जिल कौ पाना अभी बाकी हैं,
कर लेने दो लोगों को चर्चे मेरी हार के,
कामयाबी का शोर मचाना अभी बाकी हैं ।

वक्त को करने दो अपनी मनमानी,
मेरा वक्त आना अभी बाकी है,
कर रहे है सवाल मुझे जो loser समझ कर,
उन सबको जवाब देना अभी बाकी हैं।

निभा रहा हूँ अपना किरदार जिंदंगी के मंच पर
परदा गिरते ही तालीयाँ बजना अभी बाकी हैं,
कुछ नहीं गया हाथ से अभी तो,
बहुत कुछ पाना बाकी हैं…
✍️✍️✍️









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